sawan mahadeo photo in hindi bhajan sankar 16 sombar brat fast

सावन को पवित्र वनाने की है ये असली बजह। कहा जाता हैं सावन भगवान शिव (Lord shiva) का अति प्रिय महीना होता हैं।

हर सावन के सोमवार में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से सभी तरह की इच्छाएं जरूर पूरी होती हैं | Sawan Mahina in Hindi

श्रावण ( Sawan Month ) मास में ही समुद्र मंथन हुआ था जिसमे निकले हलाहल विष को भगवान शिव (Lord shiva) ने ग्रहण किया जिस कारण उन्हें नीलकंठ (NeelKanth Mahadeo) का नाम मिला और इस प्रकार उन्होंने से सृष्टि को इस विष से बचाया।

इसके बाद सभी देवताओं ने उन पर जल डाला था इसी कारण शिव अभिषेक में जल का विशेष स्थान हैं। ये धार्मिक मान्यतानुसार काफी प्रचलित है।

ये है हिन्दू धर्म में सावन मास का महत्व

हिंदी कैलेंडर में श्रावण ( Sawan Month ) मास 5वें स्थान पर आता हैं और इस ऋतु में वर्षा का प्रारंभ होता हैं, शिव जो को सावन का देवता कहा जाता हैं उन्हें इस महीनें में भिन्न-भिन्न तरीकों से पूजा जाता हैं। श्रावण ( Sawan Month ) माह धार्मिक उत्सव होते हैं, और विशेष तौर पर सावन सोमवार को पूजा जाता हैं।

भगवान शिव (Lord shiva) को क्यों प्रिय है सावन का महीना?

ऐसा कहा जाता हैं सावन भगवान शिव (Lord shiva) का अति प्रिय महीना होता हैं। इसके पीछे की मान्यता यह हैं, कि दक्ष पुत्री माता सती ने अपने जीवन को त्याग कर कई वर्षों तक श्रापित जीवन जीया, उसके बाद उन्होंने हिमालय राज के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया।

पार्वती ने भगवान शिव (Lord shiva) को पति रूप में पाने के लिए पूरे सावन महीने में कठोर तपस्या किया, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव (Lord shiva) ने उनकी मनोकामना पूरी की।

Happy Sawan

अपनी भार्या से पुन: मिलाप के कारण भगवान शिव (Lord shiva) को श्रावण (Sawan Month) का यह महीना अत्यंत प्रिय हैं, यही कारण है कि इस महीने कुमारी कन्या Girls अच्छे वर Husband के लिए शिव Shiv जी से प्रार्थना Pray करती हैं।

ये मान्यतोऐं भी श्रावण मास को पवित्र बनाती है

वैसे मान्यता ये भी हैं कि सावन के महीने में भगवान शिव (Lord shiva) ने धरती पर आकार अपने ससुराल में विचरण किया था, जहां अभिषेक कर उनका स्वागत हुआ था इसलिए इस माह में अभिषेक का महत्व बताया गया हैं।

ये लिखा है पौराणिक कथाओं में सावन महीनें के बारे में

पौराणिक कथाओं के अनुसार

“धार्मिक मान्यतानुसार सावन मास में ही समुद्र मंथन हुआ था जिसमे निकले हलाहल विष को भगवान शिव (Lord shiva) ने ग्रहण किया जिस कारण उन्हें नीलकंठ का नाम मिला और इस प्रकार उन्होंने से सृष्टि को इस विष से बचाया।”

इसके बाद सभी देवताओं ने उन पर जल डाला था इसी कारण शिव अभिषेक में जल का विशेष स्थान हैं।

भगवान शिव (Lord shiva) को प्रसन्न करने हेतु मनुष्य करता है कई प्रकार के धार्मिक कार्य, दान, उपवास

वर्षा ऋतु (Rainy Season) के चौमासा में भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, और इस वक्त पूरी सृष्टि भगवान शिव (Lord shiva) के अधीन हो जाती हैं। इसलिए चौमासा में भगवान शिव (Lord shiva) को प्रसन्न करने हेतु मनुष्य जाति कई प्रकार के धार्मिक कार्य, दान, उपवास करती हैं।

जानिए 2020 के भोलेबाबा के भक्तों के लिए सावन का महीना कैसा होगा

हिंदू धर्म के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव (Lord shiva) को बेहद प्रिय होता है। मान्यता है कि सावन के महीने में जो व्यक्ति भगवान शिव (Lord shiva) की पूजा सच्चे मन से करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

इस बार सावन का महीना 6 जुलाई से शुरू होकर 3 अगस्त को खत्म हो रहा है। इस बार सावन में 5 सोमवार आएंगे। सावन के सोमवार में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से सभी तरह की इच्छाएं जरूर पूरी होती हैं।

अगर आप भी इस सावन भगवान शिव (Lord shiva) को अपनी भक्ति से प्रसन्न् कर लेना चाहते हैं, तो पहले जान लें क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि।

ये हैं सावन महीने के 5 सोमवार-

  1. जुलाई 6- सावन का पहला सोमवार
  2. July13- सावन का दूसरा सोमवार
  3. जुलाई 20- सावन का तीसरा सोमवार
  4. July27- सावन का चौथा सोमवार and Last August 3 2020

कमेंट में लिखो, “Jai Bhole Baba”

Posted by: Neelu Gupta

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here